2026 क्रिकेट पिच: 5 जरूरी माप
क्रिकेट पिच की मानक लंबाई 22 गज यानी 20.12 मीटर और चौड़ाई 10 फीट यानी 3.05 मीटर होती है। मैच डे क्रिकेट के अनुसार भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों में पुरुषों, महिलाओं और ज...
2026 क्रिकेट पिच: 5 जरूरी माप
क्रिकेट पिच की मानक लंबाई 22 गज यानी 20.12 मीटर और चौड़ाई 10 फीट यानी 3.05 मीटर होती है। मैच डे क्रिकेट के अनुसार भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों में पुरुषों, महिलाओं और जूनियर मुकाबलों के लिए यही मूल पिच माप लागू रहता है। दोनों सिरों पर तीन-तीन स्टंप, क्रीज की रेखाएं और 4 फीट 4 इंच के विकेट महत्वपूर्ण माप हैं। पिच का मैदान से अलग कोई तय बाहरी आकार नहीं होता; अंतरराष्ट्रीय मैदान की सीमा सामान्यतः 65 से 90 मीटर के बीच रखी जाती है। 2017 के क्रिकेट नियमों और 2026 में प्रचलित मानकों के अनुसार पिच की चौड़ाई बदलने से गेंद की उछाल, बल्लेबाज का संतुलन और गेंदबाज की लाइन प्रभावित होती है। अभ्यास पिच बनाते समय पहले 20.12 मीटर लंबाई, फिर 3.05 मीटर चौड़ाई और उसके बाद क्रीज की स्थिति नापें।

क्रिकेट पिच का सही माप केवल सामान्य जानकारी नहीं है। एक फुट की गलती भी गेंदबाज की रन-अप लय, बल्लेबाज की दूरी और अंपायर के निर्णय को प्रभावित कर सकती है। इसलिए मैच डे क्रिकेट पर दिए गए मापों को अभ्यास, स्कूल मैदान और स्थानीय टूर्नामेंट में सीधे उपयोग करने से पहले मैदान की सतह और सीमा भी जांचें। क्या आपने कभी सोचा है कि 22 गज की दूरी आखिर इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? इसका उत्तर गेंद के हवा में रहने के समय, बल्लेबाज की प्रतिक्रिया और विकेटों के बीच दौड़—तीनों से जुड़ा है।
आगे बढ़ने से पहले पिच के मूल मापों का संक्षिप्त संदर्भ देखना उपयोगी रहेगा।
2025 से पहले क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई कैसे तय थी?
2025 से पहले भी मानक क्रिकेट पिच 22 गज लंबी और 10 फीट चौड़ी थी; यह माप नियमों, मैदान की तैयारी और आधिकारिक मुकाबलों में लगातार इस्तेमाल होता रहा। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के क्रिकेट नियम में पिच को विकेटों के बीच आयताकार क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है, जबकि भारतीय मैदानों में यही माप रणजी ट्रॉफी, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में दिखाई देता है। क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई को समझते समय “पिच” और “मैदान” को अलग रखना जरूरी है, क्योंकि मैदान का व्यास या सीमा निश्चित नहीं होती।
पिच की लंबाई विकेट के एक सेट के सामने वाले स्टंप से दूसरे सेट के सामने वाले स्टंप तक मानी जाती है। 22 गज को पुराने ब्रिटिश माप में 66 फीट कहा जाता है, और मीट्रिक प्रणाली में यह लगभग 20.12 मीटर बैठता है। चौड़ाई 10 फीट या लगभग 3.05 मीटर है। यह अंतर छोटा दिख सकता है, लेकिन 2.5 मीटर की पिच और 3.05 मीटर की पिच पर गेंद के ऑफ-स्टंप से बाहर जाने का कोण अलग महसूस होगा। यही कारण है कि प्रतियोगिता से पहले पिच की रस्सी, मापफीता और केंद्र-रेखा की दोबारा जांच की जाती है।
एमसीसी के नियमों में पिच से जुड़े मूल निर्देशों का सार यह है: “पिच 22 गज लंबी और 10 फीट चौड़ी आयताकार भूमि है।” यह वाक्य खेल की सबसे स्थिर भौतिक शर्तों में से एक को स्पष्ट करता है। क्रिकेट मैदान के आयामों का संक्षिप्त संदर्भ भी यही बताता है कि मैदान का आकार बदल सकता है, मगर पिच का केंद्रीय माप स्थिर रहता है। ध्यान रखें, मैदान की सीमा 45 मीटर हो या 80 मीटर, पिच की लंबाई इससे नहीं बदलती।
पिच के साथ इन मापों को भी दर्ज करना चाहिए:
- कुल लंबाई: 22 गज, 66 फीट या 20.12 मीटर।
- कुल चौड़ाई: 10 फीट या 3.05 मीटर।
- विकेट की ऊंचाई: 28 इंच या 71.1 सेंटीमीटर।
- तीन स्टंप के बीच की दूरी: 9 इंच, यानी लगभग 22.86 सेंटीमीटर।
- गेंदबाजी क्रीज: विकेट के समानांतर 8 फीट 8 इंच।
- बल्लेबाजी क्रीज: गेंदबाजी क्रीज से 4 फीट आगे।
- पॉपिंग क्रीज: बल्लेबाज के सुरक्षित क्षेत्र की आगे वाली सीमा।
2026 में क्या बदला और क्या नहीं?
2026 में क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई के मूल मानक में कोई ऐसा व्यापक बदलाव नहीं है जो 22 गज या 10 फीट की जगह ले चुका हो। बदलाव मुख्यतः मापने की तकनीक, पिच निगरानी, कैमरा विश्लेषण और खेल प्रारूप के अनुसार मैदान की सीमा में दिखाई देते हैं। आईसीसी, बीसीसीआई, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड तथा क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने-अपने आयोजन में सतह की गुणवत्ता, नमी, घास और उछाल पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, पर मानक पिच का आयाम वही है।
2026 के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक अंतर यह है कि डिजिटल मैदान-प्रबंधन में केवल लंबाई और चौड़ाई लिख देना पर्याप्त नहीं माना जाता। क्यूरेटर अब पिच की कठोरता, नमी की मात्रा, घास की ऊंचाई और रोलर के प्रभाव को भी मैच रिपोर्ट में दर्ज कर सकते हैं। यह जानकारी रणनीति के लिए उपयोगी है, क्योंकि 20.12 मीटर लंबी पिच पर गेंद की गति और उछाल सतह के आधार पर बहुत बदल सकते हैं। सूखी भारतीय पिच पर स्पिन को मदद मिल सकती है, जबकि हरी लॉर्ड्स या मेलबर्न सतह सीम गेंदबाजों को अतिरिक्त movement दे सकती है।
एक जरूरी किनारा यह है कि “मानक पिच” का अर्थ “हर मैच में समान व्यवहार” नहीं होता। माप समान रह सकते हैं, लेकिन मिट्टी की संरचना, जल निकासी, धूप, रोलिंग और घास के कारण गेंद की प्रतिक्रिया बदलती है। इसलिए केवल स्कोरकार्ड देखकर पिच का अनुमान लगाना कमजोर तरीका है। बेहतर आकलन के लिए स्थान, तारीख, प्रारूप और मौसम को साथ पढ़ें; उदाहरण के लिए मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम, चेन्नई का एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम और लंदन का लॉर्ड्स एक ही माप की पिच रखते हुए अलग खेल-परिस्थितियां दे सकते हैं।
मैदान तैयार करते समय यह क्रम सबसे कम गलती वाला है:
- केंद्र-बिंदु तय करके उत्तर-दक्षिण दिशा में 20.12 मीटर की धुरी खींचें।
- धुरी के दोनों ओर 1.525 मीटर मापकर कुल 3.05 मीटर चौड़ाई बनाएं।
- दोनों छोर पर विकेट की मध्य-रेखा रखें और स्टंप के लिए 22.86 सेंटीमीटर का अंतर जांचें।
- हर क्रीज को सफेद चूने या स्वीकृत मार्किंग से खींचें।
- अंत में तिरछे कोण और दोनों किनारों की लंबाई मिलाएं; यही छिपी हुई तिरछी गलती पकड़ता है।

मैदान प्रबंधकों के लिए एक कम चर्चित लेकिन उपयोगी बात यह है कि केवल दोनों लंबी किनारियों को नापना काफी नहीं है। यदि पिच के दोनों कोने समकोण में नहीं हैं, तो गेंदबाजी क्रीज विकेट से तिरछी लग सकती है। 3-4-5 त्रिभुज विधि या लेजर माप यंत्र से समकोण जांचना इस समस्या को कम करता है। छोटे स्कूल मैदानों में यह कदम अक्सर छोड़ा जाता है, और फिर बल्लेबाज को एक छोर से गेंद की लाइन दूसरे छोर की तुलना में अलग महसूस होती है।
पिच की सीमाओं और नियमों की तुलना के लिए आईसीसी के आधिकारिक क्रिकेट संसाधन देखना बेहतर है, खासकर जब स्थानीय प्रतियोगिता में अलग मार्किंग निर्देश दिए गए हों।
खिलाड़ियों के लिए इन मापों से क्या बदलता है?
खिलाड़ियों के लिए 22 गज की दूरी गेंद की यात्रा, प्रतिक्रिया समय और रनिंग निर्णय को सीधे प्रभावित करती है; 10 फीट की चौड़ाई बल्लेबाज के शॉट क्षेत्र और गेंदबाज की लाइन को नियंत्रित करती है। बल्लेबाज के पास तेज गेंद पर निर्णय लेने के लिए बहुत कम समय होता है, इसलिए क्रीज से आगे या पीछे खड़े होने का छोटा बदलाव भी महत्वपूर्ण बन जाता है। गेंदबाज के लिए स्टंप से 1-2 इंच बाहर की लाइन और बिल्कुल स्टंप-लाइन के बीच विकेट की संभावना बदल सकती है।
क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई का सबसे व्यावहारिक प्रभाव इन क्षेत्रों में समझें:
- तेज गेंदबाज: 22 गज की स्थिर दूरी रन-अप, रिलीज बिंदु और गति का आधार बनती है।
- स्पिन गेंदबाज: 20.12 मीटर की दूरी उड़ान, टर्न और बल्लेबाज के आगे निकलने के जोखिम को प्रभावित करती है।
- बल्लेबाज: 4 फीट की पॉपिंग क्रीज तक पहुंचना और बल्ले का क्रीज के भीतर रहना रन लेने में निर्णायक है।
- विकेटकीपर: स्टंप से पीछे खड़े होने की दूरी गेंद की गति, स्विंग और उछाल पर निर्भर करती है।
- क्षेत्ररक्षक: पिच की वास्तविक चौड़ाई से अधिक प्रभाव मैदान की सीमा और बल्लेबाज के शॉट-वितरण का होता है।
आईपीएल, बिग बैश लीग और अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में पिच का माप समान रहता है, लेकिन सीमा का आकार रणनीति बदल देता है। 55 मीटर की सीधी सीमा पर ऊंचा शॉट जोखिमपूर्ण होते हुए भी चार या छक्का बन सकता है, जबकि 75 मीटर की सीमा पर वही प्रहार कैच में बदल सकता है। यहां एक contrarian निष्कर्ष साफ है: खिलाड़ी को केवल “पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी है” जैसे वाक्य पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पिच की कठोरता, सीमा की दूरी, हवा की दिशा और ओस को साथ पढ़ने पर ही अपेक्षित रन का अनुमान बेहतर होता है।
बल्लेबाजी तकनीक और शॉट चयन की विस्तृत मार्गदर्शिका
मैच डे क्रिकेट पर खिलाड़ी आंकड़ों के साथ पिच रिपोर्ट पढ़ते समय यह गणना उपयोगी है: यदि किसी मैदान की सीधी सीमा 60 मीटर और वर्गाकार सीमा 70 मीटर है, तो पुल, कट और सीधा ड्राइव समान मूल्य के शॉट नहीं रहेंगे। इसी तरह, यदि दूसरी पारी में ओस आने की संभावना है, तो स्पिन गेंदबाज की पकड़ और फील्डिंग की गुणवत्ता घट सकती है। यह पिच की लंबाई बदलने का मामला नहीं है; यह समान 22 गज की सतह पर बदलते अपेक्षित परिणाम का मामला है। चोट से बचने के लिए खिलाड़ियों को क्रीज, पिच के घिसे हिस्से और गेंदबाज के फॉलो-थ्रू क्षेत्र पर लगातार ध्यान देना चाहिए।
अब इस माप को मैच रणनीति से जोड़कर समझना चाहें तो निम्न बातों पर गौर करें।
अब क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई को कैसे समझें?
आज क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई समझने का सबसे सही तरीका तीन स्तरों को अलग-अलग देखना है: स्थिर माप, क्रीज की स्थिति और बदलती सतह। स्थिर माप 22 गज लंबाई तथा 10 फीट चौड़ाई है; क्रीज बल्लेबाज और गेंदबाज की वैध स्थिति तय करती हैं; सतह गेंद की गति, उछाल और टर्न को बदलती है। इन तीनों को मिलाने पर ही किसी पिच की वास्तविक खेल-प्रकृति समझ आती है।
स्कूल या क्लब मैदान में पिच नापने के लिए महंगे उपकरण अनिवार्य नहीं हैं। प्रमाणित मापफीता, चार मजबूत खूंटियां, चूना, समकोण जांचने की रस्सी और एक सीधी डोरी पर्याप्त हो सकती है। फिर भी आधिकारिक टूर्नामेंट में मानक उपकरण और प्रशिक्षित ग्राउंड स्टाफ का उपयोग बेहतर है, क्योंकि 20.12 मीटर की लंबाई में 10 सेंटीमीटर की त्रुटि भी क्रीज को विकेट से गलत दूरी पर रख सकती है। खेल शुरू होने से पहले अंपायर को स्टंप की ऊंचाई, बेल की स्थिति, क्रीज की स्पष्टता और पिच के खतरनाक गीले हिस्से जांचने चाहिए।
एक उपयोगी तुलना यह है कि पिच का आकार स्थिर “ढांचा” है, जबकि मैदान की सीमा और सतह “परिणाम” बदलते हैं। पुरुषों के मैदान का व्यास कई जगह 137 से 150 मीटर के आसपास हो सकता है, जबकि महिलाओं के मैदान में लगभग 110 से 130 मीटर के दायरे देखे जाते हैं; फिर भी पिच का केंद्रीय 22 गज माप अलग नहीं होता। जूनियर क्रिकेट में आयोजक सुरक्षा और आयु-वर्ग के आधार पर पिच या सीमा कम कर सकते हैं, इसलिए स्थानीय प्रतियोगिता पुस्तिका को अंतिम मानें।

यहां दो विशेष सावधानियां ध्यान देने लायक हैं। पहली, कृत्रिम टर्फ पर दिखने वाली सफेद रेखा हमेशा सही 22 गज का प्रमाण नहीं होती; पुरानी मार्किंग खिसक सकती है, इसलिए केंद्र से दोबारा मापना चाहिए। दूसरी, विकेट के पीछे की साइट-स्क्रीन या सीमा देखकर पिच की लंबाई का अनुमान लगाना गलत है, क्योंकि मैदान अंडाकार, लगभग गोल या अनियमित आकार का हो सकता है। विश्वसनीय निष्कर्ष मापफीते और आधिकारिक नियम से ही निकलेगा।
क्रिकेट मैदान की फील्डिंग पोजीशन और सीमा माप
यदि आप मैच समीक्षा या पिच रिपोर्ट लिख रहे हैं, तो केवल “धीमी पिच” न लिखें। तारीख, स्थान, प्रारूप, पहली पारी का स्कोर, नई गेंद की गति, दूसरी पारी की ओस और सीमा की औसत दूरी भी दर्ज करें। इस तरह पाठक समझ पाएगा कि परिणाम पिच के 22 गज माप से आया या सतह और परिस्थितियों के मेल से। यही जानकारी मैच डे क्रिकेट की खिलाड़ी आंकड़ा रिपोर्ट को साधारण टिप्पणी से ज्यादा उपयोगी बनाती है।
अगली तिमाही के लिए तीन उपयोगी अनुमान क्या हैं?
अगली तिमाही में पिच का मूल 22 गज और 10 फीट मानक बदलने की संभावना बहुत कम है, लेकिन पिच रिपोर्ट अधिक डेटा-आधारित होगी। क्यूरेटर सतह की नमी, घास और कठोरता को बेहतर ढंग से दर्ज करेंगे; प्रसारण में गेंद की गति और उछाल के आंकड़े अधिक दिखाई देंगे; और कप्तान सीमा की वास्तविक दूरी को टॉस रणनीति में ज्यादा महत्व देंगे। इसलिए खिलाड़ियों और प्रशंसकों को “पिच छोटी या बड़ी है” के बजाय “समान पिच पर कौन-से परिणाम संभावित हैं” पूछना चाहिए।
अगले तीन संभावित रुझान इस प्रकार हैं:
- डिजिटल माप बढ़ेगा: अंतरराष्ट्रीय स्टेडियमों में लेजर, कैमरा और सतह सेंसर से पिच की समतलता तथा नमी का रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित हो सकता है।
- सीमा-आधारित रणनीति मजबूत होगी: 60 मीटर और 75 मीटर की सीमाओं के अंतर को बल्लेबाजी क्रम, फील्डिंग और गेंदबाजी योजनाओं में स्पष्ट रूप से जोड़ा जाएगा।
- स्थानीय क्रिकेट में मानकीकरण बढ़ेगा: स्कूल और क्लब प्रतियोगिताएं क्रीज, विकेट और कृत्रिम टर्फ के लिए लिखित माप-पत्र जारी कर सकती हैं।
इन अनुमानों का मतलब यह नहीं कि हर मैदान एक जैसा खेल देगा। चेन्नई, मुंबई, मेलबर्न और लॉर्ड्स की मिट्टी, मौसम और देखभाल अलग हैं; इसलिए आंकड़ों की तुलना करते समय स्थान और प्रारूप को समान रखना जरूरी है। उदाहरण के लिए, 20.12 मीटर की पिच पर टेस्ट क्रिकेट में घिसाव कई दिनों में बढ़ सकता है, जबकि टी-20 में 120 गेंदों के बाद भी सतह का प्रभाव अलग दिखेगा। अपेक्षित मूल्य की दृष्टि से सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि पहले नियम-आधारित तथ्य लिखें, फिर स्थल-विशेष अनुमान दें और दोनों को एक ही बात की तरह प्रस्तुत न करें।
क्रिकेट पिच रिपोर्ट पढ़ने और मैच पूर्वानुमान समझने की मार्गदर्शिका
किसी भी खेल-संबंधी पूर्वानुमान में निश्चितता का दावा नहीं करना चाहिए। पिच की लंबाई चौड़ाई स्थिर होने के बावजूद टॉस, मौसम, गेंद की गुणवत्ता, ओस, बल्लेबाजी कौशल और फील्डिंग मिलकर परिणाम बदलते हैं। यदि कोई वेबसाइट पिच के केवल एक माप से जीत का पक्का दावा करे, तो सावधान रहें; अधिक उचित निष्कर्ष संभावनाओं, उपलब्ध आंकड़ों और मैच की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित होता है।
क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई का अंतिम सार सरल है: पिच 22 गज लंबी, 10 फीट चौड़ी और विकेटों के बीच खेल का केंद्रीय क्षेत्र है। क्रीज, स्टंप और मैदान की सीमा इसके साथ जुड़ी शर्तें हैं, लेकिन समान माप समान परिणाम की गारंटी नहीं देता। 2026 में सबसे उपयोगी तरीका है कि आधिकारिक नियम, स्थल-विशेष पिच रिपोर्ट और सीमा की दूरी को साथ पढ़ें; स्कूल मैदान में 20.12 मीटर और 3.05 मीटर को दोबारा नापें; और खिलाड़ियों के लिए सतह, ओस तथा उछाल को रणनीति में शामिल करें। अधिक जानकारी के लिए मैच डे क्रिकेट के क्रिकेट आंकड़े और समीक्षा देखें, लेकिन किसी भी खेल-संबंधी निर्णय को निश्चित परिणाम मानकर न चलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्रिकेट पिच की लंबाई कितनी होती है?
उत्तर: मानक क्रिकेट पिच की लंबाई 22 गज, 66 फीट या लगभग 20.12 मीटर होती है। यह दूरी एक छोर के विकेट से दूसरे छोर के विकेट तक मानी जाती है। पुरुषों, महिलाओं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मूल पिच माप सामान्यतः यही रहता है, हालांकि जूनियर या स्थानीय प्रतियोगिता में आयोजक अलग निर्देश दे सकते हैं।
प्रश्न: क्रिकेट पिच की चौड़ाई कितनी होती है?
उत्तर: क्रिकेट पिच की मानक चौड़ाई 10 फीट या लगभग 3.05 मीटर होती है। चौड़ाई दोनों लंबी किनारियों के बीच की दूरी है और इसे विकेटों की मध्य-रेखा के दोनों ओर बराबर रखा जाता है। कृत्रिम टर्फ पर पुरानी सफेद रेखा देखकर अनुमान न लगाएं; आधिकारिक मैच से पहले मापफीते से दोबारा जांच करें।
प्रश्न: क्रिकेट पिच की लंबाई और मैदान की सीमा में क्या अंतर है?
उत्तर: पिच की लंबाई 22 गज स्थिर होती है, जबकि मैदान की सीमा का आकार और दूरी स्टेडियम के अनुसार बदलती है। पुरुषों के मैदान की सीमा कई स्थानों पर लगभग 65 से 90 मीटर तक हो सकती है, और मैदान अंडाकार या अनियमित भी हो सकता है। इसलिए 80 मीटर की सीमा का अर्थ 80 मीटर लंबी पिच नहीं है।
प्रश्न: क्रिकेट पिच कैसे नापें?
उत्तर: पहले केंद्र-रेखा तय करें, फिर 20.12 मीटर लंबाई और 3.05 मीटर चौड़ाई को मापफीते से चिह्नित करें। दोनों छोर पर विकेट की मध्य-रेखा रखें, 22.86 सेंटीमीटर के स्टंप अंतर की जांच करें और क्रीज की स्थिति नियमों के अनुसार बनाएं। आधिकारिक टूर्नामेंट में प्रशिक्षित ग्राउंड स्टाफ और स्वीकृत उपकरण का उपयोग करना अधिक सुरक्षित है।
प्रश्न: पिच की लंबाई सही हो लेकिन सतह खराब हो तो क्या होगा?
उत्तर: सही लंबाई और चौड़ाई के बावजूद खराब सतह गेंद की उछाल, गति और दिशा को असमान बना सकती है। गीले हिस्से, ढीली मिट्टी, दरार या अत्यधिक घास से बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों का जोखिम बढ़ता है। अंपायर और क्यूरेटर को खेल शुरू होने से पहले ऐसी स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए, क्योंकि माप सही होना सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं है।
प्रश्न: क्या टी-20, एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में पिच का माप अलग होता है?
उत्तर: टी-20, एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में मानक पिच का मूल माप 22 गज लंबाई और 10 फीट चौड़ाई ही रहता है। अंतर प्रारूप, गेंदों की संख्या, पिच के उपयोग की अवधि और रणनीति में आता है। टेस्ट मैच में कई दिनों का घिसाव महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि टी-20 में सीमा, गति और शुरुआती आक्रमण का प्रभाव अधिक दिखता है।
प्रश्न: क्रिकेट पिच और कृत्रिम टर्फ में क्या फर्क है?
उत्तर: क्रिकेट पिच खेल का मापा हुआ 22 गज क्षेत्र है, जबकि कृत्रिम टर्फ उस क्षेत्र की सतह बनाने वाली सामग्री है। टर्फ सिंथेटिक हो सकता है और स्कूल या क्लब मैदान में कम रखरखाव देता है, मगर इसकी उछाल प्राकृतिक मिट्टी से अलग हो सकती है। सफेद मार्किंग खिसकने पर केंद्र, लंबाई, चौड़ाई और क्रीज को दोबारा नापना आवश्यक है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
मैच डे क्रिकेट · The Ledger